कल - आज और मैं
Saturday, February 13, 2010
मेरे अंतर्मन से..
मैंने इस आठ हाल कि भाग-दौड़ की जिन्दगी में कुछ सोचा ही नहीं .. और जब सोचा तो अब लगता है की समय निकल गया है..
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मेरे अंतर्मन से..
मेरे विषय में
About Me
अजीत मौर्य
मैं पहले आपकी सुनना चाहूँगा .. मेरे पिता जी ने २५ साल पहले एक नींव रख दी है जिसकी दीवारें अब छत पड़ने के लिए तैयार हैं..और मुझे पूरा विश्वास है कि ये मजबूत दीवारें एक भरे पूरे परिवार को हमेशा सुरक्षित और खुशहाल रखेंगी .. जिसकी एक ईंट मैं भी हूँ.
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